उसूल | Usool

उसूल ( Usool )   हर हर मोड़ पर तुम्हें साथी नहीं मिलेंगे परिचितों के कुनबे में पहचान तुम्हें ही बनानी होगी कुछ के साथ तुम्हें चलना होगा और कुछ को अपने साथ चलाना होगा जन्म से पहले तुम्हें कौन जानता था शुरुआत तुम्ही ने की थी कभी मुस्कराकर कभी रोकर लोग जुड़ते गए तुमसे … Continue reading उसूल | Usool