जिंदगी की किताब | Zindagi ki Kitaab

जिंदगी की किताब  ( Zindagi ki kitaab )    एक दिन पढ़ने लगा जिंदगी की किताब, पलटने लगा पल पल के पन्नों को और समझने लगा बीती दास्तां। खोता गया अतीत के शाब्दिक भाव में, मन में उभरने लगा अक्षरता एक चित्र। लोग इकट्ठा थे बोल रहे थें बलपूर्वक जोर शोर से, हां हां…. थामो….. … Continue reading जिंदगी की किताब | Zindagi ki Kitaab