दिल का बहकना | Dil ka bahakna | Chhand

दिल का बहकना

( Dil ka bahakna )

 

मनहरण घनाक्षरी

 

दिलकश हो नजारे,
कोई हमको पुकारे।
लगे स्वर्ग से सुंदर,
महकती वादियां।

 

दिल दीवाना हो जाए,
दिल कहीं पे खो जाए।
प्रीत के तराने गाये,
मन भाये शादियां।

 

झूम उठे तार सारे,
बोल मीठे प्यारे प्यारे।
दिल की धड़कनों में,
बज उठे घंटियां।

 

रूप कोई मन मोहे,
चितवन चित सोहे।
दिल बहक ही जाए,
बड़ी-बड़ी हस्तियां।

?

कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :- 

दिल की महफिल सजाए बैठे हैं | Dil ki mehfil sajaye baithe hain


Posted

in

by

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *