Similar Posts
होली देखो आई रे | Poem Dekho Holi Aayi Re
ByAdminहोली देखो आई रे! ( Holi dekho aayi re ) मल दे अबीर मोहें, होली देखो आई रे! तन-मन पे मस्ती छाई रे! होली देखो आई रे! नयना से नयना कोई जोड़े, चढ़ती जवानी पे डोरे डाले। ताकधिन-ताकधिन होने लगे, रंगों की बौछार सहने लगे। मिलने लगे जब अंगों से अंग, फूलों का बाण…
कमल पुष्प पल्लवित हो | Pyar bhari kavita in Hindi
ByAdminकमल पुष्प पल्लवित हो ( Kamal pushp pallavit ho ) मंद पवन का सरगम हो जल की सतह स्थिर हो खामोशी का आलम हो जल के अंदर हलचल हो पंछियों का कलरव हो भागी भागी जिंदगी से दो पल तेरा साथ हो ना मैं बोलूं ना तू बोले चट्टानों पर बैठ कभी प्रकृति का…
डॉ प्रीति सुरेंद्र सिंह परमार की कविताएं | Dr. Preeti Singh Parmar Poetry
ByAdmin“कुंभलगढ़ के शेर” (महाराणा प्रताप पर समर्पित एक भावनात्मक, प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण कविता) कुंभलगढ़ की गोद में जन्मा, मेवाड़ का लाल, वीर प्रताप, सिंह सा गर्जे, जिसने रण में ढाया काल। धूप-छाँव में पला बढ़ा वो स्वाभिमानी माटी का गौरव राजपूताना की शान बना, जो झुका नहीं, बना प्रमाण। पिता उदयसिंह के आँगन में, जयवंता…
याद न जाये, बीते दिनों की | Yaad Na Jaye
ByAdminयाद न जाये, बीते दिनों की ( Yaad Na Jaye Beete Dinon Ki ) बैठी हूँ नील अम्बर के तले अपनी स्मृतियों की चादर को ओढ़े जैसे हरी-भरी वादियों के नीचे एक मनमोहक घटा छा जाती है। मन में एक लहर-सी उठ जाती है जैसे कोई नर्म घास के बिछौनों पर कोई मंद पवन…
संक्रांति | Sankranti kavita
ByAdminसंक्रांति ( Sankranti ) उत्तरायण भी कहे सूर्य मकर राशि में पर्व मकर संक्रांति दिवस दान पुण्य का तिल गुड़ बांट बांट बोले मीठा मीठा बोल पुण्य भरा काज करो शुभ दिवस आज का पूजा वंदना कर लो तीर्थों का फल मिलता आशीष मात-पिता का वरदान उन्नति का पावन गंगा…
दिलों की दिवाली | Diwali Poem 2021
ByAdminदिलों की दिवाली ( Dilon ki diwali ) खुशियों के दीप जलाओ घर-घर मौज मनाओ दिलों की दिवाली आई प्यार भरे गीत गाओ आओ जी आओ आओ सारे घर वाले आओ रंगों से रोशन करके दीपों से घर सजाओ आस्था विश्वास नेह से चंदन थाल सजा लेना धूप दीप पावन आरती सारे…

