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हस्ती | Kavita Hasti
ByAdminहस्ती ( Hasti ) बरसती बूंदों को गिनते हो क्यों लहराते सागर को देखिये व्यक्तिगत मे झांकते हो क्यों उसके परिणामों को देखिये माना कि वह आज कुछ नहीं उसके मुकाम को तो देखिये कदमों को उसके देखते हो क्यों कर रहे उसके प्रयासों को देखिये रोक पाने की उसे हस्ती नहीं तुम्हारी वह बिकाऊ…

लम्हों को कुरेदने से क्या फायदा | Poem on lamhon
ByAdminलम्हों को कुरेदने से क्या फायदा! ( Lamhon ko kuredne se kya fayda ) घोर अंधकार है आफताब तो लाओ, हाथ को काम नहीं रोजगार तो लाओ। हुकूमत बदलने से कोई फायदा नहीं, मर्ज है पुरानी नया इलाज तो लाओ। नफरत की सुनों दीवार उठानेवालों, प्यार की कोई नई शराब तो लाओ। कहाँ…

योग
ByAdminयोग ( दोहा आधार छंदगीत ) श्वास और प्रश्वास से, समता भाव निखार।।योग मिलन है मुक्ति है, योग ही शाश्वत सार। समय निकालो योग का, करिए प्राणायाम।स्वस्थ्य शरीर रहे सदा, चित्त वृत्ति परिणाम।।ध्यान धारणा यम-नियम, आसन प्रत्याहार।योग मिलन है मुक्ति है, योग ही शाश्वत सार। चित्तवृत्ति को साधकर, स्थिर करता योग।आसन विविध प्रकार के, रखते…

सांवरिया मेंह बरसा दे रै | Saawariya marwadi geet
ByAdminसांवरिया मेंह बरसा दे रै ( Saawariya : Marwadi geet ) सांवरिया मेंह बरसा दे रै,सांवरिया मेंह बरसा दे रै। पड़े तावड़ो तपै धरती, मन हरसा दे रै। सांवरिया मेंह बरसा दे रै यो जेठ रो महीनो ठाडो, आग उगळतो तावड़ो। गर्मी से बेहाल होरया, होरयो मिनट बावळो। आषाढ़ रा बादळ बरसा, सावण…

पहचान | Pehchan
ByAdminपहचान ( Pehchan ) भीड़ मे शामिल जरूर हों वह कार्य विशेष की एकता का प्रतीक है किंतु ,आप भीड़ का नही अपने उद्देश्य का हिस्सा बनें… ऊंचाई पताका उठाने से नही मिलती पताका योग्य होना ही आपको आत्मविश्वासी बनाता है और ,आज नही तो कल यही आज की भीड़ कल आपके हिस्से की भीड़…

राम लखन की रामायण का | Ram Lakhan ki Ramayan ka
ByAdminराम लखन की रामायण का ( Ram lakhan ki ramayan ka ) राम लखन की रामायण का, हर पद सभी को याद है। फिर क्यों अपनी वसुंधरा पर, होता रहता विवाद है ।। क्षण-क्षण वसुधा पर मँडराते, अब विनाश के बादल हैं । एक दूसरे से लड़ने को ,पढ़े लिखे भी पागल हैं ।…

