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इम्तहान बाकी है | Imtihan Baki hai
ByAdminइम्तहान बाकी है ( Imtihan baki hai ) अभी तो रास्ता शुरू हुआ है, असली इम्तहान तो बाकी है। अभी तो समंदर पार किया है, पूरा आसमान बाकी है। यह सिर्फ शुरुआत हुई है, अभी तो असली रास्ता बाकी है ! हिम्मत रख तू कीमत दे इस वक्त को, क्योकि अभी असली वक्त आना…

निर्झर | Kavita Nirjhar
ByAdminनिर्झर ( Nirjhar ) काश……..तेरी तरह ही मैं भी बन जाऊँ माँ, निर्झर की मानिंद कल-कल बहती जाऊँ माँ, तेरी ही तरह दामन में समेट लूँ ये दुनिया माँ, अपनी शीतलता से जहां नहलाती जाऊँ माँ, इतनी वसअतें खुद में मैं पैदा कर जाऊँ माँ, समन्दर से भी ज़्यादा गहरी मैं बन जाऊँ माँ,…

हर हाल में मुस्कुराया करें | Har Haal Mein
ByAdminहर हाल में मुस्कुराया करें हर हाल में,मुस्कुराया करें ।दुखों को, भूल जाया करें।व्यर्थ के, तनावों में ।जीवन को ना बिताया करें ।जीवन मिलता है, बस एक बार ।इसको ऐसे ना गंवाया करें ।खुशीयों का, लें आनन्द ।रंजों को , भूल जाया करें ।ईश्वर से, जो मिला है ।उस सुख को ही चलो भोगें ।अपनी…

सफेदी का दर्द | Safedi ka Dard
ByAdminसफेदी का दर्द ( Safedi ka dard ) मैंने तो मांगी थी खुशियां मुफ्त की वह भी तेरी दौलत के तले दब गई दौड़ तो सकती थी जिंदगी अपनी भी पर, वह भी अपनों के बीच ही उलझ गई. लगाए थे फूल, सींचे थे बड़े चाव से खिलकर भी महके पर बिक गए भाव…

खाक में न मिलाओ वतन को कोई | Khaak mein na Milao Watan ko
ByAdminखाक में न मिलाओ वतन को कोई! ( Khaak mein na milao watan ko koi ) आग कहीं पे लगाना मुनासिब नहीं, होश अपना गंवाना मुनासिब नहीं। दे के कुर्बानी किए चमन जो आजाद, ऐसी बगिया जलाना मुनासिब नहीं। तुमने जो भी किया आज देश है खफ़ा, हक़ किसी का मिटाना मुनासिब नहीं। सबकी…

कागा की कविताएं | Kaga Hindi Poetry
ByAdminराखड़ी पूनम पर्व भाई बहिन का पावन पर्व राखड़ी पूनम बहिन भाई का गोर्व गर्व राखड़ी पूनम सावन पूर्ण-मास का अंतिम पखवाड़ा पवित्र बहिन बांधे राखड़ी भाई कलाई पावन पवित्र चूनडी़ की चाहत छोड़ मांगना एक वचन मात पिता की सेवा मांगना एक वचन बहिना आप करना सास ससुर की सेवा जीवन होगा सफल सुखी…

