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नाता | Nata
ByAdminनाता ( Nata ) पीना नहीं है, जीना है जिंदगी अनमोल है, खिलौना नहीं है जिंदगी उम्र तो वश में नहीं है आपकी अनुभवों से ही सीना है जिंदगी आए और आकर चले गए तो आने का मकसद ही क्या रहा हम मिले और मिलकर ही रह गए तो इस मुलाकात का वजूद ही…
यह मेरा हिंदुस्तान है | Hindi Poetry
ByAdminयह मेरा हिंदुस्तान है ( Yah mera hindustan hai ) यह मेरा हिंदुस्तान है, यह मेरा हिंदुस्तान है। ध्वज तिरंगा हाथों में, ले राष्ट्रगीत गाते हैं। सरहद के सिपाही, सीमा के सभी जवान। आंधी तूफानों से भिड़, आगे बढ़ते जाते हैं। कूद पड़े मैदानों में, धरती मां के लाडले। बलिदानी राहों पर,…
बिना सोचे समझे | Kavita Bina Soche Samjhe
ByAdminबिना सोचे समझे ( Bina soche samjhe ) कहां जा रहे हो किधर को चलें हो बिन सोंचे समझे बढ़े जा रहे हो। कहीं लक्ष्य से ना भटक तो गये हो ! फिर शान्त के क्यों यहां हम खड़े हो! न पथ का पता है न मंजिल है मालुम दिक् भर्मित होके…
सुलग रही है | Kavita Sulag Rahi Hai
ByAdminसुलग रही है ( Sulag Rahi Hai ) सुलग रही है मातृभूमि के ,सीने पर चिंगारी । आज उऋण होने की कर लें ,हम पूरी तैयारी ।। जगह जगह बारूद बिछी है ,जगह जगह हैं शोले ग़द्दारों को थमा दिये हैं,दुश्मन ने हथगोले लूटपाट क्या ख़ून खराबा, सब इनसे करवा कर भरता है वो अभिलाषा…
नया संसद भवन | Naya Sansad Bhavan
ByAdminनया संसद भवन ( Naya Sansad Bhavan ) नया संसद भवन, नई उम्मीदों की मंगल भोर हिंद लोकतंत्र नूतन अध्याय, सुषुप्त स्वप्न नव पंख । आशा उमंग नवल संचरण, विकास पथ प्रेरणा शंख । आदर्श गणनायक कदम, प्रतिक्षित जनभावों की ओर । नया संसद भवन,नई उम्मीदों की मंगल भोर ।। यथार्थ सार्थक मुद्दों पर,…
सफ़र | Safar
ByAdminसफ़र ( Safar ) कितना लंबा है; कोई नही जानता! कब बदलाव होना है; किसी को पता नहीं चलता! सफ़र बस ये चलता रहता है; शायद ये भी कोशिश! हां बस कोशिश ही कर पाता है; दूर से उस रोशनी को पाने की! हां जो उसके सफ़र को लोगों से अलग बनाती है। जो हां…

