मेरे घर आई एक नन्ही परी | Geet mere ghar aayi ek nanhi pari

मेरे घर आई एक नन्ही परी

( Mere ghar aayi ek nanhi pari ) 

 

महका आंगन सारा सुन बिटिया की किलकारी।
दादी अम्मा दौड़ी आई देखने सूरत प्यारी।
मेरे घर आई एक नन्ही परी

रोशन घर का कोना-कोना रिश्तों में बहारें आई।
सबके चेहरे पे खुशियां अधरों पे मुस्काने छाई।
मंगल गीत बंदनवार बधाई सब बांट रहे नर नारी।
पापा प्रफुल्लित खुश हो गये दादा पगड़ी धारी।
मेरे घर आई एक नन्ही परी

कोई खिलौना लाये सलोना सजे सारा घर द्वार।
नन्ही गुड़िया गोद में लेकर बांट रहे सब प्यार।
आंगन की तुलसी मुस्काई घर में छाया हर्ष भारी।
चौखट दीवारें रंग बिरंगी खिल रही फुलवारी।
मेरे घर आई एक नन्ही परी

 

रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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