शब्द सुंदर आईने है | Kavita shabd sundar aaine hai

शब्द सुंदर आईने है

( Shabd sundar aaine hai )

 

काव्यधारा बन बहते लफ्जों के अथाह मायने है
जीवन सफर में ढल जाते शब्द सुंदर आईने है

 

मुस्कान के मोती बनते दिल तक दस्तक दे जाते
प्रीत की बगिया सुहानी मीठे बोल जीवन महकाते

 

झरनों से झरते रसीले लेकर अपनापन अनमोल
बांटों प्यार संबको प्यारे ले मीठे शब्द मधुर बोल

 

दीवानों की दीवानगी ये देशभक्तों की हुंकार बने
उर भावों की सरिता बहती होठों की रसधार बने

 

शब्द सूरीले मीठे मीठे गीतों की लड़िया सजकर
बांसुरी की तान मधुर भाव उमड़े साज बजकर

 

मन का पंछी झूमके नाचे दिल के बजते तार सभी
शब्द सुहाने लब तक आए संगीत की झंकार तभी

 

जीवन का सारा हाल बताते प्रेम सुधारस बरसाते
संवादों के सेतु बनकर स्वर्णिम शब्द निखर आते

 

शब्दाक्षर की यात्रा साहित्य शिखर सिरमोर बने
अधरों से मधुर वाणी जीवन की सुहानी भोर बने

 

व्यंगबाण शब्दबाणों से दिल को मिलती चोट भारी
हंसी-खुशी माहौल में नफरत की जलती चिंगारी

 

आदर सम्मान यश देते सबको कीर्तिमान लहराता
महकता उपवन हमारा शब्दों का जादू चल जाता

 

 ?

कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

महकती बहारें | kavita mehakti baharain


Posted

in

by

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *