गुरु कृपा | Guru Kripa

गुरु कृपा

( Guru Kripa )

 

शब्द ही शब्द की परिभाषा थी
शब्द थे उसके नेत्र
शब्द का ज्ञान था उसमें
शब्द ही उसके भेद
दिया था यह शब्द ज्ञान जिसने
वह गुरु कृपा ही थे
ईश्वर कृपा से पहले उनकी कृपा थी
उस गुरु कृपा बिन कैसे तर पाएंगे
गुरु ज्ञान बिना ही अपना जीवन व्यर्थ गवाएंगे

 

 नवीन मद्धेशिया

गोरखपुर, ( उत्तर प्रदेश )

यह भी पढ़ें :-

रश्मिरथी | Rashmirathi


Posted

in

by

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *