2 लाइन दोस्ती शायरी
1.
अपना हाथ थमा उसने मुझे उठाया है,
दोस्त ने मेरे मुझे हर लम्हा हंसाया है।
2.
दोस्ती को उसके देख तस्कीन मिल गई,
वो जो गुजरा था एक रोज रहगुजर से मेरे।
3.
पन्नों पर आज मैंने एक सिफ़ारिश लिखी है,
एक दोस्त की दोस्ती की बातें लिखी है।

सुमन मीना (अदिति)
लेखिका एवं साहित्यकार
नजफगढ़, दिल्ली
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