आंवला नवमी दिवस

आंवला नवमी दिवस

आंवले के वृक्ष की छांव में, सुख की अनुभूति पाए,
हर शाख इसकी वंदना करें, आरोग्य का संदेश ये लाए।

धरा का ये अनमोल वर, गुणकारी अमृत कहलाए,
सर्दियों की पहली दस्तक में, नवमी पर्व मनाए।

सौंदर्य और सेहत का, अनोखा संगम लाए,
शारीरिक बल और आरोग्य का आशीर्वाद दिलाए।

आंवले के रस का रसिक, रोग दूर भगाए,
बुजुर्गों की बातें याद दिलाए, हर पीढ़ी को सिखाए।

हर घर में आंवला नवमी, हो उमंग का पर्व,
सदैव समृद्धि का प्रतीक, खुशहाली का ये गर्व।

इस पावन पर्व पर नमन, प्रकृति की देन अनमोल,
डॉ. बी.एल. सैनी का ये काव्य, करता हृदय से मोल।

लेखक: डॉ. बी.एल. सैनी

श्रीमाधोपुर सीकर राजस्थान

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