चाय के घूंट

चाय के घूंट | Chai ke Ghoont

चाय के घूंट

( Chai ke ghoont )

चाय के गौरव का क्या कहना,
नाम आते ही चेहरे पर शबाब आया।
पिलाने वाले साकी की बात
नही टाली जाती,
करके तौबा इसे पीली जाती है।
नीलगिरी की वादियों में हैं,
चाय के बागान।
सुहाना था इसकी आन‌ शान,
रहें थे इक‌ दिन हम इस बाग के –
आशियाने में।
देखें सुबह की धुंध,
बालकनी पर दो गर्मागर्म चाय
की प्यालियां।
हरित पहाड़ियों पर ज़मीं
थी बर्फ की चुनरिया।
देखते ही बनता था,
ईश्वर के मनोरम दृश्य का-
करिश्मा।
साथ में साथी संग गर्मागर्म,
चाय की चुस्कियां।
गरम सांसों के बीच पिघलते
वक्त के सायों में याद आता था,
परिवार और मित्रों का‌ संग।


श्रीमती उमेश नाग

जयपुर, राजस्थान

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • शाबाश कतर | Qatar par kavita

    शाबाश कतर ! ( Shabaash Qatar ) बड़े प्रभावी ढंग से कतर ने- कोविड-19 का मुकाबला किया है, एक जबरदस्त कामयाबी हासिल किया है। त्वरित पहचान व रोकथाम शुरू किया, प्रभावित समूहों को शीघ्र अलग किया; इसी ने उसे बेहतर रिजल्ट दिया । वहां 29 फरवरी को पहला मामला आया, लगभग 667936 लोगों को जांचा…

  • नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) अष्टम दिवस

    नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) अष्टम दिवस भुवाल माता के सिवाय कोई न साथ ।जंग यह जीवन का ले जीतलगा ले सत्य धर्म से प्रीतजीवन सिख ले जीनाआता भव सागर पार किनारा ।जो पल बीत गया यहाँ रेवह न लगे फिर हाथआवागमन लगा एकाकीहोता कोई न साथ ।जो लाया खाया यहाँ रेअब आगे की सोचखाली…

  • संत गुरु घासीदास | Sant Guru Ghasidas

    संत गुरु घासीदास छोटे-बड़े का भेद मिटाकर,सबको एक समान बनाए।संत गुरु घासीदास का संदेश,जो जग को राह दिखाए।दूसरे का धन पत्थर समझो,परस्त्री को माता मानो।सत्य की डगर पर चलकर,जीवन को उजियारा जानो। जुआ-शराब के मोह को छोड़ो,ये दुख का कारण है।पाप की राह जो चुने,वो केवल संकट का दर्पण है।संत की वाणी अपनाकर, सत्य की…

  • नैनो का अंदाज़ जुदा | Nain par Kavita

    नैनो का अंदाज़ जुदा ( Naino ka andaz juda)    आंखें सबकी एक जैसी देखने का अंदाज़ जुदा। नज़ाकतें भांति भांति की नजरें होती जब फिदा। कोई तिरछी नजरें झांके टिक टिक नजर गढ़ाए। ललचाई आंखों से कोई मन ही मन मलाई खाए। नेह सी आंखों से झरते अनमोल मोती प्यार भरे। खुल जाते दिल…

  • धरती माँ | Chhand dharti maa

    धरती माँ ( Dharti Maa )   धरती मांँ धरती माँ, लाल को लोरी सुना दो। लड़े समर में वीर, प्यार दो दुलार दो माँ।   शूरवीर महारथी, योद्धा जांबाज सिपाही। मातृभूमि चरणों में, लाडलो को प्यार दो माँ।   अमर सपूत तेरे, लड़ते सीना तान के। जोश जज्बा भरपूर, शक्तियां अपार दो माँ।  …

  • शोहरतों का परचम | Poem shohraton ka parcham

    शोहरतों का परचम ( Shohraton ka parcham )   कीर्ति पताका यशस्वी हो जीवन संवार लीजिए। अपनापन अनमोल बांटकर सबको प्यार कीजिए।   शोहरतों का परचम लहरे शुभ काम हमारा हो। मुस्कानों के मोती सबको बहती नेह की धारा हो।   प्रीत बगिया खिल जाए सद्भावों से जी लीजिए। दिलों में चर्चा आपकी अहमियत सबको…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *