Category: भोजपुरी कविता

  • शिक्षा के हाल | Shiksha ke Haal

    शिक्षा के हाल ( Shiksha ke haal )   बड़का घराना के हई मैडम समय से कहियो ना आईला आवते दू गो लड़िका पेठाईला कुर्सी दू गो मंगवाईला एगो पर अपने बैठम एगो पर बैग धरवाईला! फेर निकाल के मोबाईल कान में सटाईला… ना जाने केकरा से, घंटो, घिसिर पिटिर बतियाईला? अतने में टिफिन हो…

  • चिंता में किसान बा | Chinta me Kisan ba

    चिंता में किसान बा! ( Chinta me kisan ba )    बिना बारिश के खेतवा सूखान बा, चिंता में किसान बा ना। कइसे होई अब रोपाई, जेब -पइसा ना पाई, महंगे डीजल से जनता परेशान बा, चिंता में किसान बा ना। बिना बारिश के खेतवा सूखान बा, चिंता में किसान बा ना। नदी-नाले सब सूखे,…

  • सुना प्रधान जी | Pradhan Ji

    सुना प्रधान जी ( Suna Pradhan Ji )   अच्छा-अच्छा काम करा सुना प्रधान जी, नींव कै तू पत्थर बनी जाता प्रधान जी। गाँव -गाँव टॉयलेट,सड़क बनवावा, जेकरे नाही घर बाटे कॉलोनी दियावा। गाँव -गाँव चमके लागी तोहरो ईमान जी, नींव कै तू पत्थर बनी जाता प्रधान जी। अच्छा-अच्छा काम करा सुना प्रधान जी नींव…

  • भींगलै मोर चुनरिया | Bhigaile more Chunariya

    भींगलै मोर चुनरिया! ( Bhigaile more chunariya )    अरे रामा! मनवाँ में उठे लहरिया, बरस रहल पानी ए हरी। उमड़ -घुमड़ के बरसे बदरिया, सइयाँ घर नहीं, गए शहरिया। अरे रामा ! भींगलै मोर चुनरिया, बरस रहल पानी ए हरी। अरे रामा! मनवाँ में उठे लहरिया, बरस रहल पानी ए हरी। रहि -रहि के…