उसकी आवाज़
( Ghazal Uski Awaaz )
दिल को राह़त सी दिखाई दी है।
उसकी आवाज़ सुनाई दी है।
कौन कहता है कमाई दी है।
उसने बस नाज़ उठाई दी है।
उसके बातिन में यही है शायद।
उसने जब दी है बुराई दी है।
मेरे बारे में तुम्हें उसने फिर।
जो ख़बर दी है हवाई दी है।
सबको गुलदान दिए उसने मगर।
हमको तोह़फ़े में जुदाई दी है।
रंग ,रोग़न भी अ़ता है उसकी।
उसने ही दूध मलाई दी है।
ऐ फ़राज़ अब तो ख़ुशी से जाओ।
उसने ज़म दे के विदाई दी है।

पीपलसानवी
Leave a Reply