Tag: diwali poem in Hindi

  • दिलों की दिवाली | Diwali Poem 2021

    दिलों की दिवाली ( Dilon ki diwali )   खुशियों के दीप जलाओ घर-घर मौज मनाओ दिलों  की  दिवाली  आई प्यार भरे गीत गाओ   आओ जी आओ आओ सारे घर वाले आओ रंगों  से  रोशन करके दीपों से घर सजाओ   आस्था  विश्वास नेह से चंदन थाल सजा लेना धूप दीप पावन आरती सारे…

  • आओ मिलकर दीप जलाएं | Poem on Diwali in Hindi

    आओ मिल कर दीप जलाएं ( Aao milkar deep jalaye )   ***** आओ मिलकर दीप जलाएं, अपने जैसा हर घर चमकाएं। पुष्पों दीपों से रौशन करें आंगन, खुशियों से भर दें हर एक दामन। जलाएं हंसी की फुलझड़ी, टपके खुशियां घड़ी घड़ी। ठहाकों की फोड़े पटाखा, दूर करें जग की निराशा। कृत्रिम रौशनी और…

  • अंधेरा चाहे जितनी कोशिशें करता रहेगा | Diwali ki kavita in Hindi

    अंधेरा चाहे जितनी कोशिशें करता रहेगा ( Andhera chahe jitani koshish karta rahega )     अंधेरा चाहे जितनी कोशिशें करता रहेगा। ये मिट्टी का दिया है उम्र भर जलता रहेगा।   शहर के पटाखे सब लूट लेगें फिर दिवाली, गाँव का बम बेचारा हाथ ही मलता रहेगा।   तूँ पत्थर है तो हम भी…

  • दिवाली फिर आई | Deepawali kavita in Hindi

    दिवाली फिर आई 1 हर दिल अज़ीज, सदियों पुरानी, त्यौहारों की रानी, दिवाली फिर आई। 2 उर्ध्वगामी लौ से, सतत विकास करने, पुरातन को शोधने, दिवाली फिर आई। 3 ज्ञान के आलोक से, अज्ञान-तम मिटाती, हृदय ज्ञान जगाती, दिवाली फिर आई। 4 मति-देव का पूजन, महालक्ष्मी आरती, दरिद्रता दूर भगाती, दिवाली फिर आई। 5 सकल…