Tag: Holi poem in Hindi
होली आई रे, होली आई | Best poem on holi
होली आई रे, होली आई ( Holi aayi re, holi aayi ) गोरा गोरा गाल गुलाबी, गोरी रंग लेकर आई। फागुन आयो रंग रंगीलो, उर उमंग मस्ती छाई। रसिया नाचे ढप बजावे, आज बिरज में होली है। गीत सुनावे फाग गावे, भीगे चुनर चोली है। मुरली की धुन छेड़े कान्हा, राधा रंग…
फागुन के दिन | Holi Poem in Hindi
फागुन के दिन ( Phagun ke din ) फागुन के दिन थोडे रह गए, मन में उडे उमंग। काम काज में मन नाहि लागे,चढा श्याम दा रंग। रंग बसन्ती ढंग बसन्ती, तोरा अंग बसन्ती लागे, ढुलमुल ढुलमुल चाल चले,तोरा संग बसन्ती लागे। नयन से नयन मिला लो हमसें, बिना पलक झपकाए। जिसका पहले पलक…