Tag: Kavita Aap Kahan Hain
ये कैसा रामराज्य है | Kavita Ye Kaisa Ram Rajya hai
ये कैसा रामराज्य है ( Ye Kaisa Ram Rajya hai ) आम आदमी कंगाल हुआ है, नेता सारे मालामाल हुए हैं, किसान और मजदूर देश के, देखो कैसे बदहाल हुए हैं। न तन पर है कपड़े, न खाने को सूखीं रोटी, देश की जनता कल भी भूखी-प्यासी थी, आज भी भूखी-प्यासी है। ये कैसा…
आप कहाँ हैं | Kavita Aap Kahan Hain
आप कहाँ हैं ( Aap Kahan Hain ) निवास क्षेत्र और कर्म क्षेत्र हि है आपका जीवन क्षेत्र इनके संग का व्यवहार ही करता है प्रमाणित जीवन चरित्र अनगिनत रास्ते हैं कर्म पथ के पथ को मिलती है दिशा विवेक से विवेक आता है संस्कार से और संस्कार मिलते हैं संगत से संगत आपके…