Tag: Paryawaran par kavita

  • देखो हवाओं में जहर घोला जा रहा | Paryavaran Par Kavita

    देखो हवाओं में जहर घोला जा रहा ( Dekho hawaon mein zehar ghol ja raha )   देखो हवाओं में जहर घोला जा रहा ….. जंगलों को जड़ो से है काटा जा रहा  ….. देखो यहां ऑक्सीजन है नहीं फिर भी…. शहरों में आलीशां महल बनाया जा रहा ।   लगा कर  पेड़ हम  जमीं…

  • आओ पेड़ लगाएं हम | Paryawaran par kavita

    आओ पेड़ लगाएं हम | Paryawaran par kavita

    आओ पेड़ लगाएं हम ***** आओ पेड़ लगाएं हम, चहुंओर दिखे वन ही वन। निखर जाए वातावरण, स्वच्छ हो जाए पर्यावरण। बहें नदियां निर्मल कल-कल, बेहतर हो जाए वायुमंडल। नाचे मयूर होकर मगन, झूमे धरती और गगन। मंद मंद बहे मदमस्त पवन, शतायु हो जाए मानव जीवन। बगिया महके बचपन चहके, खिला खिला रूप यौवन…