Tag: Political poem in Hindi
कुर्सी की लड़ाई | Political Kavita
कुर्सी की लड़ाई ( Kursi ki ladai ) बड़े-बड़े दिग्गज उतरेंगे, महासमर चुनाव में। कुर्सी की खातिर नेताजी, होंगे खड़े कतार में। राजनीति की सेंके रोटियां, सत्ता के गलियारों में। वोटों का बाजार गर्म हो, वादों की भरमारों से। कुर्सी की लड़ाई में फिर, उठा पटक जारी होगी। शह मात का खेल…

हे सरकार ! कुछ तो करो | Political kavita
हे सरकार ! कुछ तो करो ( Hey sarkar kuch to karo ) हे सरकार! कुछ तो करो क्यूँ छोड़ दिया मरने को सड़कों और पटरियों पर दर-दर की ठोकरें खाने को खाने को तरसने को। हे सरकार! कुछ तो करो क्या बीत रही है उन गर्भवती और नव माताओं पर सड़कों पर…

इन्द्र का दर्प | Kavita
इन्द्र का दर्प ( Indra ka darp ) इन्द्र… हाँ ! इन्द्र, आज फिर क्रूध हो चुका है ! डुबोना चाहता है सारी धरती ! क्योंकि इन्होंने चुनौती दी है, उसके ऐश्वर्य एवं सत्ता को ! डूबने को हैं मजदूर, किसान एवं नौजवान । दर्द एवं दहशत इतना कि आवाज भी नहीँ दे पा…