Tag: Sher ki kavitayen

  • शेर की कविताएं | Kavitayen Sher Ki

    शेर की कविताएं ( Sher ki kavitayen )   हाँ दबे पाँव आयी वो दिल में मेरे, दिल पें दस्तक लगा के चली थी गयी। खोल के दिल की कुण्डी मैं सोचूँ यही, मस्त खूँशबू ये आके कहा खो गयी॥ हाँ दबे पाँव…. * सोच मौका दोबारा मिले ना मिले, ढूँढने मै लगा जिस्म सें…

  • शेर की कविताए | Hindi poem of Sher Singh Hunkar

    शेर की कविताए ( Sher ki kavitayen )   हाँ दबे पाँव आयी वो दिल में मेरे, दिल पें दस्तक लगा के चली फिर गयी। खोल के दिल की कुण्डी मैं सोचूँ यही, मस्त खूँशबू ये आके कहाँ खो गयी॥ हाँ दबे पाँव….   सोच मौका दोबारा मिले ना मिले, ढूँढने मैं लगा जिस्म सें…