कलियों की मुस्कान | Poem kaliyon si muskan

कलियों की मुस्कान

( Kaliyon si muskan )

 

कलियों की मुस्कान भी देती आनंद अपार।
नव ऊर्जा संचार कर लब लाती नई बहार।

सुंदरता में चार चांद जड़ दे एक मुस्कान।
सारा जहां अपना लगे प्यारा हर इंसान।

 

बगिया सारी महक उठे बस एक मुस्कान से।
खिल उठे चेहरे सारे मुस्कुराते एक इंसान से।

चमके सारे किस्मत के तारे हंसी-खुशी माहौल में।
हंसमुख सबको लगता प्रिय मधुरता मीठे बोल में।

 

चेहरे की मुस्कान देती हमें सदियों की पहचान।
जिंदादिली इसी का नाम सदा हंसता रहे इंसान।

हंस-हंसकर बतलाने वाले मिलनसार कहलाते।
मुस्कानों के दम पर जग में नाम अमर कर जाते।

 

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कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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