भोले बाबा बर्फानी | Bhole Baba Barfani

भोले बाबा बर्फानी

( Bhole Baba Barfani ) 

 

शिव शंकर भोलेनाथ सदा ही रखना हम पर हाथ,
आप है त्रिलोकी के नाथ और आप ही भूत-नाथ।
शीश पर आपके चन्द्रमा और बहे जटाओं से गंगा,
बर्फानी-रूप बनाकर आतें हो हर वर्ष अमरनाथ।।

गले में रहता आपके साॅंप और त्रिशूल रहता हाथ,
पीते भांग घोंटके आप देते निर्बल का सदा साथ।
बहुत सारे है आपके नाम भक्ति करतें सुबह शाम,
कार्तिक गणेश पुत्र आपके पार्वतीजी होतीं साथ।।

सोमनाथ मल्लिकार्जुन महाकालेश्वर एवं वैद्यनाथ,
भीमाशंकर रामेश्वर नागेश्वर त्र्यंबकेश्वर विश्वनाथ।
केदारनाथ भोलेनाथ शिवशंकर भी आपका नाम,
पशुपतिनाथ व नीलकंठ घृष्णेश्वर आप बद्रीनाथ।।

हम तो है आपके दीवानें ये, दुनियां भी है दीवानी,
रखना सदा ही मेहरबानी मेरे भोले बाबा बर्फानी।
तीनों लोक के आप स्वामी त्रिकालदर्शी अंतर्यामी,
बसें हों पहाड़ों में कहीं बर्फ़ एवं कहीं पानी-पानी।।

जगह जगह लगते भंडारे नीलकंठ महादेव तुम्हारे,
जन्म जन्म के पाप धुल जातें जो भक्त जातें द्वारे‌।
है अमरनाथ की कथा पुरानी सुनना सभी कहानी,
सभी के रोग हर लेते हो बाबा आप है इतने प्यारे।।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

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