हम पंछी उन्मुक्त गगन के

हम पंछी उन्मुक्त गगन के | Hum Panchi Unmukt Gagan ke

हम पंछी उन्मुक्त गगन के

( Hum Panchi Unmukt Gagan ke )

धूप की पीली चादर को,
हरी है कर दें,
तोड़ के चाॅद सितारे,
धरती में जड़ दें,
सब रंग चुरा कर तितली के,
सारे जहाॅ को रंगीन कर दें,

हम पंछी उन्मुक्त गगन के,
उड़ें उड़ान बिना पंखों के,
अपने काल्पनिक विचारों को,
चाहें कि रख दें सच कर के,

हमारे विचारों का संसार वृहद है,
कल्पनाओं की हमारे कोई न हद है,
बच्चा हमें समझती दुनियाॅ,
भले समझदारी बेहद है।

Abha Gupta

आभा गुप्ता
इंदौर (म. प्र.)

यह भी पढ़ें :-

उमर लडकइयाॅ

Similar Posts

  • देश अब तुम्हें पुकारे

    देश अब तुम्हें पुकारे वापस आओ देश के लालोदेश अब तुम्हें पुकारेदेखो हाल इस धरती काजो तुम कर गए हमारे हवालेवापस आओ देश के लालोदेश अब तुम्हें पुकारे भूल गए सब तुम्हारी कुर्बानीलहू तुम्हारा बहा कटे हाथ और पैरमां बहन पत्नी और बेटीरोती थी तब घर में अकेलीवापस आओ देश के लालोदेश अब तुम्हें पुकारे…

  • पति-पत्नी | Pati patni par kavita

    पति-पत्नी ( Pati patni )     लिखा है लेख यही ईश्वर ने हमारा, सोचकर बनाया है ये रिश्ता प्यारा। कहा जन्में हम‌ और कहा पर तुम, फिर भी इतना प्यार है यह हमारा।।     जीवन का डोर ये बंध गयी है ऐसे, सात फेरों का सारा खेल यह जैसे। पति और पत्नी कहलाएं…

  • बोलना बेमानी हो जाए

    बोलना बेमानी हो जाए बोलो!कुछ तो बोलोबोलना बेमानी हो जाएइससे पहले लब खोलो पूछोअरे भई पूछोपूछने मे जाता ही क्या हैपूछना जवाब हो जाएइससे पहले पूछ लो चलोचाहे कितनी पीड़ा होचलना बस कदमताल न हो जाएवैसे भीचलना जीवन की निशानी हैरुकना मौत की लिखोचाहे कुछ भीकिसी के वास्तेचाहे कितना खराब हो मौसमलिखना बस नारा न…

  • दी ग्रेट कपिल शर्मा | Kapil Sharma par kavita

    दी ग्रेट कपिल शर्मा ( The great Kapil Sharma )   –> कपिल कपिल नहीं, हंसी का फब्बारा है |?| 1.दी कपिल शर्मा टी.वी.शो, लाफिंग गैस का गुब्बारा है | आता शनि रविबार रात सोनी पर, ठहाकों का फब्बारा है | हंसना-हांसना खुशियाँ फैलाना, सोनी टी.वी.की पहचान है | कपिल कपिल नहीं रहा अब, करोडों…

  • छत्रपति शाहू महाराज | Chhatrapati Shahu Maharaj

    छत्रपति शाहू महाराज ( Chhatrapati Shahu Maharaj )   दीन-दुखियों का शाहू महाराज आधार थे, आधुनिक महाराष्ट्र के शिल्पकार थे। तब समाज में फैली थी बड़ी विषमता, सही रूप से अछूतों के तारणहार थे। दलितों और शोषितों को दिए अधिकार, उन सबकी रक्षा- कवच की दीवार थे। हरेक की पढ़ाई का किये थे बन्दोबस्त, जो…

  • अनलाॅक 4.0 | Kavita unlock 4.0

    अनलाॅक 4.0 ( Unlock 4.0 ) *** लाॅकडाउन से छुटकारा मिला है, कोरोना से नहीं! बाजार जाएं शौक से पर बरतें सावधानियां कई? बात नहीं है कोई नई, सारी हैं वही। लापरवाही पड़ सकती है भारी, निकल जाएगी सारी होशियारी। संक्रमण से रहना है बचकर, तो निकलो मास्क पहनकर। व्यक्तिगत दूरी का भी रखें ख्याल,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *