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ओ भारति माॅं! ओ प्यारी माॅं! | Geet

ओ भारति माॅं! ओ प्यारी माॅं! ( O Bharati maan  O pyari maan )     ओ भारति माॅं ! ओ प्यारी माॅं !! हम  तुझ पर  हैं  बलिहारी...

गणतंत्र दिवस विशेष | Desh geet

गणतंत्र दिवस विशेष : देश गीत ( Ganatantra divas vishesh )   हंसि हंसि चढ़े फांसी कितने विरनवा ललनवा देशवा के । झूल गए अमर झुलनवा ललनवा देशवा के...

पावन तीर्थ धाम लोहार्गल | Kavita

पावन तीर्थ धाम लोहार्गल ( Paawan tirth dham lohargal )     सुरम्य वादियों बीच में बसा लोहार्गल तीर्थ धाम अरावली पर्वतमालाये बहता सूर्यकुंड अविराम   शेखावाटी का हरिद्वार जन मन...

तुम जरा ठहरो | Tum zara thehro

तुम जरा ठहरो ( Tum zara thehro )     तुम  जरा  ठहरो  मुझे  कुछ, और  बाते  करनी  है। दरमियान  जो  फासलें है, उसको मुझको भरनी है।   एक बार बस...

आजादी के तराने | Azadi ke tarane kavita

आजादी के तराने ( Azadi ke tarane )     क्रांतिकाल में लड़ी वीरों ने आजादी की लड़ाई थी भारत माता के चरणों में प्राणों की भेंट चढ़ाई थी   हंसते-हंसते...

मध्यप्रदेश की छः बोलियों के साहित्यिक कृति पुरस्कार वर्ष 2018 एवं...

भोपाल। साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग, भोपाल द्वारा कैलेण्डर वर्ष 2018 एवं 2019 के मध्यप्रदेश की छः बोलियों के साहित्यिक...

अपराजित यायावर हूँ मै | Kavita

अपराजित यायावर हूँ मै ( Aparajit yayavar hoon main )   1. अपराजित यायावर हूँ मै, जिसे चाह नही है मंजिल की। सारी दुनिया ही अपनी है, जहाँ रूका वही...

वीरों का शहर झुंझुनू | Kavita veeron ka shahar jhunjhunu

वीरों का शहर झुंझुनू ( Veeron ka shahar jhunjhunu )   बलिदानों की परिपाटी में जिला झुंझुनू प्यारा है देश सेवा को आगे रहता दमकता एक सितारा है   मरुभूमि...

धूप का टुकड़ा | Dhoop ka tukda

"धूप का टुकड़ा" ( Dhoop ka tukda )     अलसाई सी सुस्ताई सी सर्दी में दुबकती सी मुरझाई सी कमरे के इक कोने में अपने में ही खुद से उलझती सी मैं...... और मुझमें मुझको ही ढूँढता सा आ गया कहीं से छिपता छिपाता सा मुझको मेरे...

कृष्ण | Kavita Krishna

कृष्ण ( Krishna )     नयन भर पी लेने दे, प्रेम सुधा की साँवली सूरत। जनम तर जाएगा हुंकार,श्याम की मोहनी मूरत।   ठुमक  कर  चले  पाँव  पैजनी, कमर करधनियाँ...