दर्पण | Laghu Katha Darpan

"मालिक, आप दर्पण क्यों देखते हैं ॽ" रामू ने साहस करते हुए अपने मालिक से पूछा। "संवरने के लिए।" मालिक ने कहा। "संवरती तो नारी है,...

शब्दाक्षर राजस्थान प्रदेश इकाई के अध्यक्ष डाॅ दयाशंकर जांगिड की कार्यकारिणी...

शेखावाटी के प्रसिद्ध सेवा के लिए समर्पित वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ दयाशंकर जांगिड को ‘‘शब्दाक्षर’’ राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रताप सिंह ने...

काव्य से बुद्धत्व की ओर : साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश पाठमंच...

"बुद्ध मानव की सर्वोत्कृष्ट विशुद्ध अवस्था का सुंदर चित्रण "... डॉ. कौशल किशोर "काव्य से बुद्ध की ओर" पहुंचा समाज का प्रबुद्धपाठमंच का साहित्यिक...

जीना मरना | Kavita Jeena Marna

जीना मरना ( Jeena Marna )   घुट घुट कर जीने से मरना बेहत्तर घुटने टेक कर जीने से मरना बेहत्तरअकेले आये हो आज़ाद बन कर जीना ग़ुलाम...

सदी बन जाइए | Ghazal Sadi Ban Jaaiye

सदी बन जाइए ( Sadi Ban Jaaiye )   आप इक इतिहास इक युग इक सदी बन जाइए बात यह सबसे बड़ी है आदमी बन जाइए बह रहे जो...

हे राम तुम्हारे भारत में

हे राम तुम्हारे भारत में मर्यादा का अंत हो रहा कैसा ये षड्यंत्र हो रहा ! जाति-धर्म मजहब में बंटकर मानवता का अंत हो रहा!! दुर्जन का उत्थान हों...

मन | Kavita Man

मन ( Man )   मत पूछो ये चंचल मन , भला कहां कहां तक जाएं कभी पुरानी यादों में झांके, कभी कही यूहीं खो जाएं ।। कभी अकेला ही...

जानते हैं | Ghazal Jante Hain

जानते हैं ( Jante Hain ) वो रहते कहाँ हैं पता जानते हैं । कि उनकी सभी हम अदा जानते हैं ।।१ लगा जो अभी रोग दिल...

है इबादत मुहब्बत | Hai Ibadat Muhabbat

है इबादत मुहब्बत ( Hai Ibadat Muhabbat )है इबादत मुहब्बत, मुहब्बत करें शहर में क्यों किसी से अदावत करें मुल्क पर राज करना अलग बात है हो सके...

जय तुलसी मैय्या | Kavita Tulsi Maiya

जय तुलसी मैय्या ( Jay Tulsi Maiya )   बड़ा ही सुन्दर बड़ा ही पावन है यह त्योंहार, माॅं लक्ष्मी धरा पधारी लेकर तुलसी अवतार। कार्तिक शुक्ल‌-पक्ष एकादशी...