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आंचल की छांव | Kavita

आंचल की छांव ( Aanchal Ki Chhaon )   वात्सल्य का उमड़ता सिंधु मां के आंचल की छांव सुख का सागर बरसता जो मां के छू लेता पांव   तेरे आशीष में...

प्यारी माँ | Pyari Maa

प्यारी माँ ( Pyari Maa )   ये जो संचरित ब्यवहरित सृष्टि सारी है। हे !मां सब तेरे चरणों की पुजारी है।। कहां भटकता है ब्रत धाम नाम तीर्थों...

मां | Maa Par Kavita

मां ( Maa )   मां सहेली भी है, मां पहेली भी है, इस जहां में वो, बिल्कुल अकेली भी है। दुःख में हंसती भी है, सुख में पिसती भी है, नेह की...

बचपन के दिन | Kavita

बचपन के दिन  ( Bachpan ke din )   कितने अच्छे थे - वे बचपन में बीते पल, ना भविष्य की चिंता, ना सताता बीता कल; खेल-खेल  में  ही ...

हे गगन के चन्द्रमा | Kavita

हे गगन के चन्द्रमा ( He gagan ke chandrama )   तुम हो गगन के चन्द्रमा, मै हूँ जँमी की धूल। मुझको तुमसे प्रीत है, जो बन गयी...

जय महाराणा प्रताप | Kavita

जय महाराणा प्रताप ( Jai Maharana Pratap )   हल्दीघाटी युद्ध चरम पर था स्वयं अरि काल बने राणा नर मुंडो से सटी रणभूमि जिधर निकलते महाराणा   महाराणा के बिन बोले...

मां | Maa | Mother’s Day

मां ( Maa )   मेरे  गम  में  देखा  है आँख  तेरी  नम  होते  हुये , माँ मेरे हँसने पर तबस्सुम देखे तेरे लब पर खिले हुये, माँ मेरी...

अजनबी | Kavita

अजनबी ( Ajnabi )   दौर कैसा आ गया, दूरियां लेकर यहां, अजनबी सी जिंदगी, छूप रहे चेहरे यहां।   सबको भय सता रहा, अजनबी बना रहा, रिश्तो के दीवानों को, क्या-क्या खेल दिखा रहा।   अपनेपन...

यार दिल की ही मगर ऐसी दवा मां | Mother’s Day...

यार दिल की ही मगर ऐसी दवा मां ( Yaar dil ki hi magar aisi dawa maa )   यार दिल की ही मगर ऐसी दवा मां...

हौसलों काळजिया म | Rajasthani Kavita

हौसलों काळजिया म हौसलों काळजै भर कै धीरज मनड़ा मै धर कै मोरचा मै उतरणो है सुरमां रणयोद्धा बण कै   दण्ड बैठक कसरत योग सारो बचावै है भौतिकवाद घणों बेगो मुश्किलां लाख...