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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • जीवन के रंग
    कविताएँ

    जीवन के रंग

    ByAdmin September 1, 2025September 2, 2025

    धर्म-पत्नि अग्नि को साक्षी मान खाये सात फेरे,दाम्पत्य जीवन बंधन में खाये सात फेरे। सनातन धर्म में विवाह विधि शुभ संस्कार,वचन नहीं निभाये पापी पाप पुण्य संस्कार। पति-पत्नी परस्पर करे प्रेम भाव स्नेह,विच्छेद नहीं करे सेवा सुरक्षा भाव स्नेह। नर्क स्वर्ग जीवन यात्रा में जुगल जोड़ी,तोड़े जो ताना-बाना मोल एक कोड़ी। मानव नहीं दानव दोगला…

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  • श्वान-व्यथा (दर्द-ए-कुत्ता)
    ग़ज़ल

    श्वान-व्यथा (दर्द-ए-कुत्ता)

    ByAdmin September 1, 2025September 1, 2025

    श्वान-व्यथा (दर्द-ए-कुत्ता) हम इंद्रप्रस्थ के रखवाले,यह धरा हमारे पुरखों की ।हमने देखे हैं कई बार,शासन-सत्ता सुर-असुरों की ।। हमने खिलजी को देखा है,देखा है बिन तुगलक़ को भी ।देखा है औरंगज़ेब औरगज़नी, ग़ोरी, ऐबक को भी ।। तैमूर लंग जैसा घातक,नादिर शाह भी देखे हैं ।अब्दाली से अंग्रेजों तक,की सत्ता नयन निरेखे हैं ।। अब…

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  • जाने क्यों इतराते हैं लोग…?
    ग़ज़ल

    जाने क्यों इतराते हैं लोग…?

    ByAdmin September 1, 2025September 1, 2025

    जाने क्यों इतराते हैं लोग…? खुद को समझदार समझकर जाने क्यों इतराते हैं लोग,प्रश्नों के जाल में आकर खुद ब खुद फँस जाते हैं लोग। सच की परछाई से डरकर नज़रें क्यों चुराते हैं लोग,झूठ के सहारे दुनिया में मेले क्यों सजाते हैं लोग। रिश्तों की सौदागरी में दिल का वज़न भुला बैठे,फ़ायदे की ख़ातिर…

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  • पार्वती के महामहि सुनु
    कविताएँ

    पार्वती के महामहि सुनु

    ByAdmin August 27, 2025August 27, 2025

    पार्वती के महामहि सुनु विघ्न हर्ता , एक दंता lशंख बजाता , धुन बनाता llवक्रतुंडा महाकाया lचिन्तामण ही विघ्न काया llएक – दो – तीन आया,लालबाग राजा हां हां lलालबाग राजा ll श्वेत , ध्वनि – प्रति ध्वनि lगली – गली पिल्लैयार आनी llशुभ कार्य या पूजा – अर्चना lजिनकी होती प्रथम आराधना llएक दो…

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  • क्षुल्लक श्री तारण सागर जी महाराज
    आलेख

    एक सो ग्यारह उपवास : बाल योगी क्षुल्लक श्री तारण सागर जी महाराज साहेब रचने जा रहे हैं एक अदभुत, अनोखा इतिहास

    ByAdmin August 24, 2025August 24, 2025

    आचार्य श्री कुंथुसागर जी और आचार्य श्री गुणधर सागर जी महाराज साहेब के गुणी, प्रिय और तपस्वी, शिष्य, सलूम्बर गौरव बाल योगी 105 क्षुल्लक श्री तारण सागर जी महाराज साहेब ने एक बड़ा ही अदभुत संकल्प लिया है.. एक सो ग्यारह उपवास का.. आगे बढ़ने से पहले मैं बता दु की जैन मुनि अपने गृहस्थ…

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  • झूठ बोल कर मैने कैमरा खरीदा
    आलेख

    झूठ बोल कर मैने कैमरा खरीदा

    ByAdmin August 20, 2025August 24, 2025

    अकोला में सिटी कोतवाली के पास गांधी रोड पर अभी जो खंडेलवाल ज्वेलर्स है न वहां या शायद उस के आसपास कैमरे की एक दुकान थी.. जब भी वहां से गुजरता तो बड़ी ही हसरत से उस दुकान को देखता ओर बाहर से ही उस मे रखे कैमरे को निहारता.. भीतर जाने की हिम्मत नही…

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  • Pakhi ki Rakhi
    कविताएँ

    धागों का त्योहार

    ByAdmin August 10, 2025August 10, 2025

    धागों का त्योहार रंग-बिरंगी राखियों से,आज सजा हुआ बाजार।अमर – प्रेम का बंधन यारो,है धागों का त्योहार।। बहना के जीवन में यारो,जब – जब संकट आता।समाचार के मिलते ही भाई,बहना के घर जाता।।दिया हुआ वचन अपना भाई सदा ही ये निभाता।खुशियों की बगियाॅं को भाई,जीवन में महकाता।। अमर रहे दुनिया में यारो,ये भाई बहन का…

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  • राखी पर गिफ्ट माँगा भाई से
    आलेख

    राखी पर गिफ्ट माँगा भाई से

    ByAdmin August 7, 2025August 7, 2025

    आज कल हमारे समाज में पश्चिमी सभ्यता का बहुत बड़ा बोला बाला है। जिसके कारण हमारी संस्कृति और संस्कारो का तो एक दम से समपट सुआहा हो रहा है। हर चीज एक तरफ ही चल रही है। आप हमें दो, परन्तु वो ही आप हम से मत मांगो ? बच्चो को उच्च शिक्षा दिलाना बहुत…

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  • लघुकथा: “चार बजे की माँ”
    कहानियां

    लघुकथा: “चार बजे की माँ”

    ByAdmin August 5, 2025August 5, 2025

    सुबह के चार बजे थे।बाहर अभी भी अंधेरा पसरा था, मगर प्रियंका की नींद खुल चुकी थी।अलार्म बजने से पहले ही उसकी आँखें खुल गई थीं — जैसे उसकी जिम्मेदारियाँ अलार्म से भी पहले जाग जाती हों। बिस्तर छोड़ते ही ठंडी ज़मीन पर पैर रखते हुए एक ही ख्याल —“आज कुछ भी छूटे नहीं…” रसोई…

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  • माँ शारदे की वंदना से सजा ‘काव्या मृत’ का विमोचन समारोह, बीसलपुर में साहित्य की अनूठी गूंज
    साहित्यिक गतिविधि

    माँ शारदे की वंदना से सजा ‘काव्या मृत’ का विमोचन समारोह, बीसलपुर में साहित्य की अनूठी गूंज

    ByAdmin August 4, 2025August 4, 2025

    बीसलपुर (पीलीभीत) पत्रिका काव्या मृत के संपादक टी एल वर्मा ने पत्रिका विमोचन व सम्मान समारोह का आयोजन मशहूर शायर विनय साग़र जायसवाल ( बरेली ) की अध्यक्षता में आयोजित किया। इस अवसर पर मुख्यातिथि रहे आचार्य के के चंचल (बिलसंडा) विशिष्ट अतिथि रहे गिरीश पांडेय (वाराणसी) संचालन शायर ग़ज़लराज (बरेली )ने किया। माँ शारदे…

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