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ओढ़कर धानी चुनरिया | Thesahitya Special

ओढ़कर धानी चुनरिया ( Odh Ke Dhani Chunariya )   ओढ़कर  धानी  चुनरिया, धरा यू हरसा रही। काली घटाएं नीले अंबर, व्योम घिरकर छा रही।   आ गया सावन सुहाना,...

मनाने की बहुत कोशिश हो रही है | Ghazal

मनाने की बहुत कोशिश हो रही है ( Manane ki bahut koshish ho rahi hai )     मनाने की बहुत कोशिश हो रही है बड़ी  उससे  गुज़ारिश  हो...

माॅ का आर्शीवाद | डॉ.कौशल किशोर श्रीवास्तव की कलम से

दिन में तीन या चार बार गरमागरम खाने से औलाद का पेट भरने के साथ साथ मां पर यह कर्तव्य भी निर्धारित किया गया...

किन सोचो में गुम हो फ़ैसल | Ghazal

किन सोचो में गुम हो फ़ैसल ( Kin sochon mein gum ho faisal )     किन सोचो में गुम हो फ़ैसल! इतने क्यूँ गुमसुम हो फ़ैसल   औरो की  गलती...

Essay In Hindi | प्राकृतिक आपदा प्रबंधन पर निबंध

प्राकृतिक आपदा प्रबंधन पर निबंध ( Natural disaster management: Essay In Hindi ) जो प्रकृति कुपित हो जाती है तो उसके आगे मनुष्य की नहीं चलती...

पतझड़ | Ghazal

पतझड़ ( Patjhad )   दूसरों को पतझड़ देकर, लोग ख़्वाब देखते बाहर का; ख़ुद की ख़बर नहीं, इम्तिहान लेते हमारे सच्चे प्यार का ।   होंठों पर सजी झूठी...

प्यार का होगा इशारा देखते है | Ghazal

प्यार का होगा इशारा देखते है ( Pyaar ka hoga ishara dekhte hai )     प्यार का होगा इशारा देखते है ! इसलिए रस्ता तुम्हारा देखते है   डूबा हूँ...

अपना हिंदुस्तान अलग है | Kavita

अपना हिंदुस्तान अलग है ( Apna hindustan alag hai )   हम सब तो हैं भारतवासी वे रखते पहचान अलग।   अपना हिन्दुस्तान अलग है उनका हिन्दुस्तान अलग।।   वे  उड़ते  एरोप्लेन  से हम...

महका है गुल ज़नाब सावन का

महका है गुल ज़नाब सावन का ( Mahaka hai gul janab sawan ka )     महका है गुल ज़नाब सावन का ! देता  ख़ुशबू  गुलाब  सावन  का   कैसे  दीदार ...

समझें गर जो दोस्ती दुश्मनी नहीं होती

समझें गर जो दोस्ती दुश्मनी नहीं होती ( Samajhen gar jo dosti dushmani nahi hoti )   समझें गर जो दोस्ती दुश्मनी नहीं होती! मुहब्बत  के ही बिना...