• अथ कुम्भ मोक्ष मार्ग सत्यार्थ

    (अ) पौराणिक कुम्भ कथा- सनातन की सिंद्धान्तों के सुंदर लोककल्याण एव लोकवोत्सव कि परम्पराओ में कुम्भ एक महत्वपूर्ण पड़ाव एव आयोजन है जो नियमित रूप से प्रत्येक चार वर्षों पर के अंतराल में हरिद्वार ,प्रयाग ,उज्जैन एव नासिक में आयोजित होता है। आर्थत बारह वर्षों के अंतराल में कुम्भ स्नान का आयोजन भारत की पवित्र…

  • विचार-धारा

    सच्चाई कौन दोस्त कौन दुश्मन फ़र्क़ नहीं पड़ता,कौन अपना कौन पराया फ़र्क़ नहीं पड़ता। हम चले मंज़िल की ओर एकदम अकेले,कौन रहबर कौन रहज़न फ़र्क़ नहीं पड़ता। सोच में सपने संजोये भावी भविष्य के,कौन नाकाम कौन कामयाब फ़र्क़ नहीं पड़ता। नक्कमे करते नुक्ताचीनी हर किसी काम में,कौन नेक कौन नादान फ़र्क नहीं पड़ता। करते जो…

  • शादी का चौथा फेरा

    सुहागरात की अगली सुबह प्रातः 6:00 बजे जैसे ही नई नवेली दुल्हन शीतल की आंख खुली, तो उसने अपने पति वीर सिंह को अपने करीब ना पाया। कुछ देर तक वह अपने पति का इंतजार करती रही। उसे लगा कि शायद मेरे पति दैनिक क्रियाकलापों से निवृत होकर बाहर घूमने गए हैं, कुछ देर में…

  • दिमागी रेबीज यानी इंसान से दूरी, कुत्ते से करीबी

    हम एक ऐसे समय में जी रहे हैं जहाँ लोग अपनी मां को वृद्धाश्रम छोड़ आते हैं, लेकिन कुत्तों के लिए मखमली बिस्तर खरीदते हैं। जहाँ बच्चे की फीस चुकाना कठिन होता है, पर पालतू जानवर के लिए सालगिरह पार्टी देना ‘प्यारा’ माना जाता है। यह वह युग है जहाँ संवेदना की दिशा बदली है,…

  • काशी विश्वनाथ मंदिर के रोचक तथ्य

    “ऊं नमः पार्वतीपतयेहर हर महादेव ““शिव सृजन है और विनाश भीशिव मंदिर है और श्मशान भीशिव आदि हैं और अनंत भीमेरे महादेव ही स्वर्ग है, महादेव ही मोक्ष हैं “ काशी विश्वनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। काशी विश्वनाथ मंदिर का हिंदू धर्म में एक विशिष्ट स्थान है। ऐसा माना जाता है कि…

  • नर नारायण

    ब्रह्मांड के दो प्रमुख अवयव है जो परब्रम्ह परमात्मा कि कल्पना रचना कि वास्तविकता है प्रथम प्रकृति हैजो ब्रह्मांड का आधार है जिसमे पंच तत्व महाभूतों का सत्यार्थ परिलक्षित है जिसका प्रवाह पवन,पावक ,शून्य (आकाश) स्थूल (पृथ्वी) जल प्रावाह का सत्य है इन्ही के आधार पर प्राण का अस्तित्व निर्धारित होता है । प्राण को…

  • कबीर जन्मोत्सव विशेष

    कबीर दास जी का जन्म वर्ग जाती के सूत्रपात या उत्कर्ष काल में नहीं हुआ था!कबीर दास जी सन 1398 में बालक रूप में लहरतारा तालाब पर पाए गए थे तत्कालीन समय तैमूर लंग कि क्रूरता से भारत वर्ष त्रस्त ससंकित भयाक्रांत था और भरतीय समाज अपनी रक्षा कि आस में दर बदर भटक रहा…

  • समृद्धि वाली गुल्लव्वा

    समृद्धि वाली गुल्लव्वा* ओ शांत है ओ सौम्य हैओ सुन्दर है l धान का श्रृंगाहैफिर भी सावन में ही आती है lबताओ ओ कौन है ? ओ धन है l ओ संपत्ति है lओ ऐश्वर्य का आभास है lफिर भी सावन में आती है lबताओ ओ कौन है ? ओ सुख भी देती है lओ…

  • पर्यावरण संरक्षण

    पर्यावरण ऐसा विषय जिसका संबंध प्रकृति प्राणी प्राण परमेश्वर से है!प्रकृति के प्रमुख दो तत्वों में प्रकृति प्राणी है और प्रकृति प्राणी में जो चैतन्य सत्ता है वहीं परमेश्वर का सत्यार्थ है! स्पष्ट है कि प्रकृति प्राणी इनकी चैतन्य सत्ता परमेश्वर के मध्य सामंजस्य होना ही इनके कल्याण उद्भव उत्कर्ष एवं उत्थान उद्धार के लिए…

  • भारत में शिक्षा

    1- शिक्षा का महत्व शिक्षा और समाज किसी भी राष्ट्र और उसमे निवास करने वाले समाज की भौतिकता और नैतिकता का निर्धारण उस राष्ट्र के शिक्षा स्तर पर ही निर्धारित किया जा सकता है ।। विकास और सामजिक उद्धान दोनों का मूल मानव संसाधन है जब तक संसाधन श्रोत पूर्णतः परिस्कृत परिमार्जित ना हो ना…