बेटे भी दहलीज छोड़ चले

  • बेटे भी दहलीज छोड़ चले

    बेटे भी दहलीज छोड़ चले ऊंची शिक्षा पाने को जो रुख हवा का मोड़ चले। बेटियों की बात नहीं बेटे भी दहलीज छोड़ चले। कोचिंग क्लासेज हॉस्टल शिक्षा का ठिकाना है। कड़ी मेहनत रातदिन कर मंजिल तक जाना है। घर आंगन दीवारें दहलीज सूना सूना सा लगता है। मात पिता की याद सताती दीप प्रेम…