Tag: रोमांटिक ग़ज़ल

  • Romantic Ghazal -आँखें उनकी है मयखाने

    आँखें उनकी है मयखाने ( Aankhen Unki Hai Mainkhane )     आँखें उनकी है मयखाने। ओठ लगे जैसे पैमाने।।   गालों की रंगत है ऐसी। लाल -गुलाबी रँग मस्ताने।।   थाम दिलों को रह जाते है। जब लगते जुल्फ़े बिखराने।।   ढांप कभी आंचल से सर को। लगते मन ही मन शर्माने।।   घायल…

  • नहीं वो पास मेरे आ रही यादें

    नहीं वो पास मेरे आ रही यादें   नहीं वो पास मेरे आ रही यादें! निगाहे को रुलाती है बड़ी यादें   कभी दिन साथ उसके ही गुजारे थे सतायें ख़्वाब में आकर वही यादें   बिना मेरा नहीं वो हम सफ़र जीवन यहां तो बस रुलाने को मिली यादें   उदासी का यहां आलम…

  • अगर रिश्ता निभाना हो वफाएं काम आती है

    अगर रिश्ता निभाना हो वफाएं काम आती है   अगर रिश्ता निभाना हो वफाएं काम आती है। नहीं जब साथ दे किस्मत दुआएं काम आती है।।   बहारें रूठ जाती है चमन से जब कभी यारो। खिलाने को गुलों को तब खिज़ाएं काम आती है।।   कहो कब नेक होती है सभी ईंसान की फितरत।…

  • दिल हुआ दीवाना मेरा एक मुखड़ा देखकर

    दिल हुआ दीवाना मेरा एक मुखड़ा देखकर     दिल हुआ दीवाना मेरा एक  मुखड़ा देखकर! राह में पहले न हुआ था दोस्त ऐसा देखकर   प्यार क़ा ऐसा नशा उसका चढ़ा मुझको मगर मैं गवा बैठा किसी को होश अपना देखकर   दिल मचले है उसका ही अपना बनाने को मेरा उस हंसी का…

  • कभी यूँ ही अपने मिजाज बदला कीजिए

    कभी यूँ ही अपने मिजाज बदला कीजिए कभी यूं ही अपने मिजाज बदला कीजिये  दिल मांगे आपका तो जाँ निसार कीजिये हंसते हसते जिन्दगी  की शाम हो जायेगी बीती रात की सुबह का इन्तजार कीजिए   आकाश सूना दिखे तारे हो खामोश जहाँ धीमे से मध्यम झरनों सी रागनी सुना फूल गुलिस्ता में खिलखिलाकर जब…

  • मेरे होठों की ही शाइरी बन जा तू

    मेरे होठों की ही शाइरी बन जा तू     मेरे होठों की ही शाइरी बन जा तू ऐसी मेरी सनम जिंदगी बन जा तू   सोचता हूँ ये मैं काफ़ती रुह है की न मुझसे कहीं अजनबी बन जा तू   दूर क्यों रहता है यूं भला मुझसे ही मेरे दिल की सनम आशिक़ी…

  • मेरी मुहब्बत किसी और से मुहब्बत करती है

    मेरी मुहब्बत किसी और से मुहब्बत करती है     मेरी मुहब्बत किसी और से मुहब्बत करती है यह बात ज़रा सा दर्द तो सीने में जगाती है   हजार लहो को बुझाकर रोशन हुआ में अब तो हर चराग मुझे जलाती है   वह में नहीं तो क्या हुआ? उसे मुहब्बत तो है यही…

  • प्यार की जब उससे दोस्ती टूटी है

    प्यार की जब उससे दोस्ती टूटी है     प्यार की जब उससे दोस्ती टूटी है! रोज़ तन्हाई से जिंदगी टूटी है   हर घड़ी नफ़रतों की रवानी थी बस वो न दिल से उसके दुश्मनी टूटी है   डूबी है जिंदगी ही नशे के ग़म में प्यार की ही दिल से मयकशी टूटी है…

  • जिंदगी में लेकर ये ख़ुशी

    जिंदगी में लेकर ये ख़ुशी     जिंदगी में लेकर ये ख़ुशी दूर हो हर दिल से बेबसी   हर तरफ़ हो ख़ुशी मुल्क में हो नहीं हर आंखों में नमी   दूर रहना हर ग़म जीवन से हो लबों पे सभी के हंसी    हर होठों पे ग़ज़ल गीत हो  ऐसी इस साल हो…

  • यही जग की हकीक़त है यही जग का फ़साना है

    यही जग की हकीक़त है यही जग का फ़साना है     यही जग की हकीक़त है यही जग का फ़साना है। जिसे हम प्यार करते हैं उसे दिल तोङ जाना है।।   करे बदनाम पीछे से भला जो सामने कहते। बहुत पाखंड दुनिया में बङा ज़ालिम ज़माना है।।   करो एतबार कितना भी किसी…