Tag: रोमांटिक ग़ज़ल
सांसों में तेरी ख़ुशबू है -Hindi poem
सांसों में तेरी ख़ुशबू है सांसों में तेरी ख़ुशबू है ! रोज़ नज़र आती अब तू है चाँद सी सूरत वाला है तू तेरा ही चर्चा हर सू है भाती तेरी आंखे ये लब तेरे काले काले गेसू है दीवाना हूँ इसीलिए मैं उसकी आंखों का जादू है सूरत…
अफसाने तेरे नाम के -hindi poems
अफसाने तेरे नाम के मेरी वफा का सिला यही वो मुझपे मरता है मिलता है जब भी जख्म हरा जरूर करताहै जाने कहां से सीखा जीने का यह सलीका कत्ल मेरा काँटे से नहीं वो फूल से करता है। वक्त को रखता हमेशा अपनी निगेहबानी में वो जिनदगी को बडे गुरुर से जीता है…
प्यार की वो आज राहें छूटी है
प्यार की वो आज राहें छूटी है प्यार की वो आज राहें छूटी है! जिंदगी भर उसके बातें छूटी है दीवाना करती थी अपनें हुस्न से आज वो हुस्ने ही रातें छूटी है ऐसा टूटा उम्रभर उसने रिश्ता आज उसनें वो मुलाकातें छूटी है प्यार की ख़ुशबू देती थी सांसों…
ए सनम जिंदगी प्यार का नाम है
ए सनम जिंदगी प्यार का नाम है ए सनम जिंदगी प्यार का नाम है पति प्यार है पत्नी प्रीत ये जाम है कोई देखेगा हमको न आ प्यार करे आ सनम मिलने को हो गयी शाम है यूं खफ़ा मत हो मुझसे सनम ए मेरे आज नहीं कल मिलूंगा सनम काम है…
मुहब्बत की वो ही अब गुफ़्तगू नहीं करता
मुहब्बत की वो ही अब गुफ़्तगू नहीं करता मुहब्बत की वो ही अब गुफ़्तगू नहीं करता वो सूरत मेरे अब हाँ रु ब रु नहीं करता सितम किए प्यार में ही बहुत मुझपे हर पल उसी की दिल अब मेरा आरजू नहीं करता उदास रहता है दिल ख़ूब मेरा ये हर…
मुहब्बत से कभी देखा नहीं है
मुहब्बत से कभी देखा नहीं है मुहब्बत से कभी देखा नहीं है! जाने क्यूं वो होता अपना नहीं है पराया कर गया वो उम्रभर को मुहब्बत का रिश्ता रक्खा नहीं है बढ़ेगी प्यार की बातें कैसे फ़िर इशारा भी कोई उसका नहीं है मुहब्बत का उसे कैसे दूं में गुल…
हमें आप से दिल लगाना पड़ेगा
हमें आप से दिल लगाना पड़ेगा ( Hame Aap Se Dil Lagana Padega ) हमें आप से दिल लगाना पड़ेगा। ज़माने से तुम को चुराना पड़ेगा।। बहे जैसे खूं मेरी नस-नस में हरदम। तेरा प्यार ऐसे बसाना पड़ेगा।। सदा मेरे दिल की रहो बन के धङकन। मेरी साँस बनके समाना पड़ेगा…
प्यार की वो हवा नहीं आती
प्यार की वो हवा नहीं आती प्यार की वो हवा नहीं आती! कोई ऐसी वफ़ा नहीं आती भूल जाना अच्छा है उसको अब लौटकर कोई सदा नहीं आती दोस्ती में आती वफ़ा करनी मुझको करनी जफ़ा नहीं आती राह जिसकी मैं देखता हूँ वो जीस्त में आशना नहीं आती नफ़रतों…
आज मेरे ही किसी की बेकली दिल में उठी
आज मेरे ही किसी की बेकली दिल में उठी आज मेरे ही किसी की बेकली दिल में उठी! इस क़दर बैचेनी की ही बेबसी दिल में उठी भूलकर दिल से किसी की बेवफ़ाई को मगर आज करने को किसी से दोस्ती दिल में उठी सोचता हूँ मैं उसे अपना बना लूँ…
दिल से मुहब्बत
दिल से मुहब्बत रहेगी उससे हमेशा ही मुहब्बत है जिसे मुझसे रही हर पल अदावत है बहुत कोशिश उसे की भूलने की न उसकी याद से दिल को ही राहत है मुहब्बत से उसे जब भी निहारुं बड़ी ही देखता वो तो नज़ाकत है वफ़ाओ की ख़ुशबू क्या वो फ़ैलायेगा…