Tag: शेरो-शायरी
वो दिलों में फासला हरदम यूं लाते ही रहे
वो दिलों में फासला हरदम यूं लाते ही रहे वो दिलों में फासला हरदम यूं लाते ही रहे । तोङ सारे ख्वाब दिल के रोज ढाते ही रहे।। दिल में बैठाया हमेशा ही यकीं हमने किया। गैर के जैसे सदा वो पेश आते ही रहे ।। प्यार की बातों को मेरा…
कब ख़ुशी की यहां जली बीड़ी!
कब ख़ुशी की यहां जली बीड़ी! कब ख़ुशी की यहां जली बीड़ी! रोज ग़म की जलती रही बीड़ी बुझ जाती है जलने से पहले ही जो जलाता हूँ प्यार की बीड़ी नफ़रतों की जली यहां ऐसी सब ख़ुशी ख़ाक कर गयी बीड़ी छोड़ दें पीना दोस्त इसको तू कर रही …
नशा सिगरेट का
नशा सिगरेट का इस तरह घर जाऊं अपनें ऐ यारों चढ़ गया मुझको नशा सिगरेट का जिंदगी कर देगी तेरी ख़ाक ये मत रख लब पे सिलसिला सिगरेट का जिस्म ये बेजार कर देगी तेरा छोड़ दें तू रास्ता सिगरेट का जल गये यादों भरे ख़त मेज पे कल कागज…
ज़माने की चालों से तुम बचके चलना
ज़माने की चालों से तुम बचके चलना ज़माने की चालों से तुम बचके चलना। सिखाएंगे तुमको सदा रँग बदलना।। हमें दिल लगाने की दौलत मिली है । कि सारी उमर फिर पड़ा ग़म में जलना।। यहां बेवफाई का आलम न पूछो। मिटा दिल के अरमां पड़ा है तङफना।। ये हसरत…
कान मेरे उसकी चूडियां खनक गयी
कान मेरे उसकी चूडियां खनक गयी कान मेरे उसकी चूडियां खनक गयी प्यार में उसके दिल की धड़कन बहक गयी आख़री थी निशानी उसकी पास में हाथ से वो भी तो अंगुठी छनक गयी आ रही है सदा जिंदगी में ग़म की सूली पे ही ख़ुशी अपनी सब लटक गयी …
प्यार के किस्से पुराने हो गए
प्यार के किस्से पुराने हो गए प्यार के किस्से पुराने हो गए। वक्त के हम भी निशाने हो गए ।। जिंदगी भर साथ रहना था हमें। दूर रहते अब ज़माने हो गए।। किस तरफ तक़दीर लेकर आ गई। लुट चुके से हम खजाने हो गए।। क्या सुनाएं जिंदगी की दास्तां।…
उस हंसी के जैसा देखा चांद है
उस हंसी के जैसा देखा चांद है उस हंसी के जैसा देखा चांद है! वो फ़लक पे आज निकला चाँद है रोशनी है इसलिए मेरी गली हाँ इधर से दोस्त गुजरा चाँद है क्यों न दीवाना बने उसका दिल ये हू ब हू वो चेहरा लगता चाँद है इसलिए दीदार…
शहर आया तेरी दोस्ती के लिये!
शहर आया तेरी दोस्ती के लिये! शहर आया तेरी दोस्ती के लिये! वरना मेरा नहीं कोई है शहर में बेदिली से बातें मत कर मुझसे सनम और भी वरना मकां है शहर में माना है तुझको हमेशा अपना है ग़ैर तुझको अब नहीं कर सकता हूँ तोड़ दूँ कैसे भरा दिल…
किया फिर घात दुश्मन ने बढाकर हाथ यारी का
किया फिर घात दुश्मन ने बढाकर हाथ यारी का किया फिर घात दुश्मन ने बढाकर हाथयारी का। मिटा के उसकी हस्ती को सबक़ देंगे मक्कारी का।। यूं सरहद लांघ कर उसने खुद शोलों को हवा दी है। ज़माने भर में है चर्चा जवानों की दिलेरी का।। पड़ोसी जान कर हमने उसे हर…
आ रही है फूलों से सदा एक ही!
आ रही है फूलों से सदा एक ही! आ रही है फूलों से सदा एक ही! मत मसलों यूं मुझे बेदर्दी से फूल हूँ मैं आंगन का वो ही हंसी बद्दुआ से दूर रहता हर आंगन जीने दो मुझको जहां में इज्जत से फूल हूँ मैं नाजुक सी खिलती कभी मत…