प्यार के किस्से पुराने हो गए
प्यार के किस्से पुराने हो गए

प्यार के किस्से पुराने हो गए

 

 

प्यार के किस्से पुराने हो गए।

वक्त के हम भी निशाने हो गए ।।

 

जिंदगी भर साथ रहना था हमें।

दूर रहते अब ज़माने हो गए।।

 

किस तरफ तक़दीर लेकर आ गई।

लुट चुके से हम खजाने हो गए।।

 

क्या सुनाएं जिंदगी की दास्तां।

दर्द में डूबे तराने हो गए ।।

 

बैठते थे साथ यारों के जहाँ।

गुम कहीं वो आशियाने हो गए।।

 

वेवफा भी क्या वफा करते ‘कुमार’।

बेसबब तुम क्यों दिवाने हो गए।।

 

 

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कवि व शायर: Ⓜ मुनीश कुमार “कुमार”
(हिंदी लैक्चरर )
GSS School ढाठरथ
जींद (हरियाणा)

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