Ai andhere kavita

  • ऐ अँधेरे | Ai andhere kavita

    ऐ अँधेरे ( Ai Andhere )   ऐ अँधेरे तूने मुझे बहुत रुलाया है समेट कर सारी रोशनी मुझे सताया है तुझ से दूर जाने के किये बहुत यतन जाने क्यूं मेरी जिन्दगी को बसेरा बनाया है ऐ अँधेरे तूने वाकयी बहुत रुलाया है समेट कर सारी रोशनी मुझे सताया है कौन सी धुन मे…