बचपन की बातें : कुछ सुनहरी यादें
बचपन की बातें ( Bachpan ki baatein ) काग़ज़ की नाव बना फिर से तैराए, बारिश के पानी में छबकियां लगाए। दरवाजे के पीछे छुपकर सबको डराए, चलो फिर से एक बार बच्चे बन जाए। पापा की कमीज पहन कर हाथ छुपाए, इस कला को हम लोगों को जादू बताएं। खुद भी हँसे सभी…

