Bhojpuri Poem

  • Bhojpuri Vyang नेतागिरी

    नेतागिरी (व्यंग ) ( Netagiri – Vyang )   हमहू करबई नेतागिरी झट से आए हमरो अमीरी नेतागिरी में आराम बा सबसे बढ़िया काम बा एक बार जब जीत के जाईब जिवन भर पेंशन हम पाईब जब तक रहिब विधायक सांसद, खूबई पैसा लेब कमाईब हमहू करबई जम के लूट बोलब जनता से खूब झूठ…