Deshbhakti kavita

  • कलमकार मस्ताना | Kavita kalamkar mastana

    कलमकार मस्ताना ( Kalamkar mastana )   मैं देशप्रेम दीवाना हूं मैं कलमकार मस्ताना हूं रंगों की लेकर छटा गीतों का मधुर तराना हूं   केसरिया ले निकला माटी का तिलक किया मैंने देशप्रेम में झूम पड़ा मैं कागज कलम मेरे गहने   सद्भावौ की धारा में जब गीत सुहाने गाता हूं राष्ट्रधारा अलख जगाते…