Gopasthami kavita

  • गोपाष्टमी | Hindi poem on gopasthami

    गोपाष्टमी ( Gopashtami : Geet )   गौमाता  को  जीने  दो दूध की नदियां बहने दो राष्ट्र उत्थान होने को है इनका संरक्षण होने दो   जिसे घर में गौ पाली जाती वो धाम अभय हो जाता है साक्षात रूप में विष्णु को  गोलोकधाम को पाता है   इनके निवास से गोकुल का सदा सुख…