हाथ पकड लो हे गिरधारी | Kavita
हाथ पकड लो हे गिरधारी ( Haath Pakad Lo Hey Girdhari ) माना वक्त ले रहा परिक्षा हिम्मत बची नहीं अब बाकि जीवन के आयाम बदल गए हर ओर मचा तबाही का मंजर एसा खौफ एसी बेबसी पसर रही चहु दिशा बेलौस जीवन मृत्यु के सर्घष बीच कांप रही तन बीच बसी रूह…

