Hindi naseeb poem

  • नसीब | Hindi Kavita Naseeb

    नसीब ( Naseeb : Hindi Kavita )   नसीब निखर जाता है, तकदीर भी मुस्काती है। सारे ग्रह साथ देते, खुशियों की घड़ी आती है।   सेवा  स्नेह  संस्कार भर, विनय भाव पलता है। सद्भावो की धारा में, पुष्प भाग्य का खिलता है।   किस्मत के तारे चमकते, सुखों का लगता अंबार। अनुराग  दिलों  में …