यहाँ वहाँ बिखरे पन्नों पर | Hunkar poetry
यहाँ वहाँ बिखरे पन्नों पर ( Yahan wahan bikhre pannon per ) 1. यहाँ वहाँ बिखरे पन्नों पर, नाम लिखा हैं मेरा। धुधंली सी यादों में शायद, नाम लिखा हैं तेरा। शब्द शब्द को जोड़ रहा हूँ, मन मंथन बाकी है, याद नही कि कौन था दिल पे,नाम लिख दिया तेरा। 2. उड़ा…

