आंखों की चमक | Kahani Aankhon ki Chamak
राधिका शादी होने के बाद अपने ससुराल में आई थी भरा पूरा परिवार था। ससुर भी पढ़े लिखे थे। दकियानूसी विचारधारा को नहीं मानते थे। राधिका को याद है एक बार मोहल्ले में एक बुजुर्ग महिला का देहांत हो गया था। राधिका उनके यहां बैठने गई। लौट कर आने पर दरवाजे पर ही नहाना पड़ता…

