Kavita Dosti par

  • मित्र | Kavita Dosti par

    मित्र ( Mitra )   लम्हे सुहाने हो ना हो। चाहत की बातें हो ना हो। प्यार हमेशा दिल में रहेगा, चाहे मुलाकात हो ना हो।   खुशियों में गम़ मे भी शामिल रहेगे। तुझसे अलग हो के कैसे रहेगे। बातें सभी दिल की तुमसे कहेगे। चाहे दिन खुशनुमा ये रहे ना रहे।   लम्हे…