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हनुमान जी | Kavita Hanuman Ji
हनुमान जी ( Hanuman Ji ) मैं नादान मैं नकारा आया आपके द्वार हे प्रभु हनुमान, तेरी मुआख़जा में रहूं मुवाजहा हो मेरे प्रभु हनुमान। तू नबी है क़ासिद है विष्णु का मुझे नशा तेरा नबीज़ जैसा, मैं तेरी अमानत रहूं सदा वदीअत भी हो तेरी प्रभु हनुमान। मैं फ़ाजिर हूं तेरा तलबगार हूं…