Kavita Kartavya Path Par

  • कर्तव्य पथ पर | Kavita Kartavya Path Par

    कर्तव्य पथ पर ( Kartavya path par )    मैं डट कर स्थिर खड़ी रहूँगी, कर्तव्य पथ पर निरंतर चलूंगी। किसी प्रहार से कोशिश छोडूंगी नहीं। हाथ किसी के आगे जोडूंगी नहीं, वरदान किसी भगवान से माँगूंगी नहीं।। परिस्थितियां चाहे जो कर ले, समय से मात खा कर गिरूँगी नहीं। हवायें चाहे अपना रुख मोड़…