kavita Wah re zindagi

  • Kavita | वाह रे जिन्दगी

    वाह रे जिन्दगी ( Wah re zindagi )   भरोसा तेरा एक पल का नही, और नखरे है, मौत से ज्यादा।   जितना मैं चाहता, उतना ही दूर तू जाता, लम्हां लम्हां खत्म होकर तू खडा मुस्कुराता। वाह रे जिन्दगी…. भरोसा तेरा एक पल का नही, और नखरे हैं मौत से ज्यादा। बाँध कर सांसों…