मैं खुशनसीब | Main Khushnaseeb
मैं खुशनसीब ( Main Khushnaseeb) आज समझता हूं खुशनसीब खुद को काटों की दवा भेज दी खुदाने मुझको जख्मों की दवा लाया है दोस्त मेरा चमन की हवा लाया है दोस्त मेरा खुशनसीब फूल हूं मैं खिला हुआ कौन कहता है की मैं हूं बिखरा हुआ सवालों के घेरे से निकला हूं आज बाहर…

