Tag: nafrat shayari
नफ़रतों का खूब मौसम आज तो | Nafrat shayari
नफ़रतों का खूब मौसम आज तो ( Nafraton ka khoob mausam aaj to ) नफ़रतों का ख़ूब मौसम आज तो प्यार की सूखी वो शबनम आज तो माफ़ तेरे रब करेगा हर गुनाह देख पढ़ले ख़ूब वो अम आज तो दूर जब से जीस्त से खुशियां हुई जोर दिल पर कर…
नफ़रतें देख ली है यहां हर घड़ी | Nafrat ghazal
नफ़रतें देख ली है यहां हर घड़ी ( Nafraten dekh li hai yahan har ghadi ) नफ़रतें देख ली है यहां हर घड़ी प्यार की बारिश अब हो रवां हर घड़ी रब फ़ूलों की ख़ुशी की कर दें बारिशें हो रही है ग़मों की ख़िज़ां हर घड़ी है यहां तो उदासी …
नफ़रत की राहें मगर अच्छी नहीं | Nafrat Shayari
नफ़रत की राहें मगर अच्छी नहीं ( Nafrat ki rahe magar achi nahi ) नफ़रत की राहें मगर अच्छी नहीं जीस्त यूं करनी बशर अच्छी नहीं मत मिला उससे निगाहें प्यार की बेवफ़ा है वो नज़र अच्छी नहीं है परेशां कह गया उसके नगर का उसकी आयी ये ख़बर अच्छी नहीं…