फिर लौट कर नहीं आते | Patriotic poem in Hindi
फिर लौट कर नहीं आते ( Phir laut kar nahin aate ) मर मिटते वो सरजमीं पर समर में शौर्य दिखलाते बलिदानी पथ जाने वाले फिर लौटकर नहीं आते शौर्य पताका जिनके दम से व्योम तलक लहराती महावीर जब रण में उतरे बैरी दल सेनायें थर्राती गोला बारूद खेल खेलकर पराक्रमी रण…

