Poem Adawat Hai

  • अदावत है | Poem Adawat Hai

     अदावत है! ( Adawat hai )    रूस से अमेरिका की पुरानी अदावत है, दुनिया की शांति के साथ ये बगावत है। कितनी उम्र तक लड़ना चाहेगा अमेरिका, बताओ,यू.एन.ओ. किस तरह की अदालत है। नकेल नहीं कस पाया उसकी जरूरत है क्या, कहीं न कहीं वो भी विश्व के लिए मुसीबत है। नाइंसाफी हो रही…