Poem in Hindi on surya upasana

  • सूर्य उपासना | Surya upasana kavita

    सूर्य उपासना ( Surya upasana )     हे सूर्यदेव दिनकर देव रवि रथ पर होकर सवार ओज कांति प्रदाता तुम्ही आदित्य हरते अंधकार   सारी दिशाएं आलोकित किरणें प्रकाशित करती नव भोर उमंगे सृष्टि में प्रभायें  प्रभावित करती   सारे जगत में ऊर्जा का नव शक्ति का भंडार हो सकल चराचर जगत में प्रगति…