जो चला गया | Jo chala gaya | Poem in Hindi
1. जो चला गया जो चला गया हैं छोड़ तुझे,उस मोह में अब क्या पड़ना हैं। जीवन सूखी बगिया में, सब रंग तुम्हे ही भरना हैं। आसूं का संचय करो हृदय में, जिष्णु सा सम्मान भरो, इतिहास अलग ही लिखना है, अवनि को तुमको छूना है। 2. हमीं से मोहब्बत हमीं से…

