Poem on astha in Hindi

  • आस्था | Poem on Astha in Hindi

    आस्था ( Aastha )   भावों के भंवर में बोलो बहकर कहां जाओगे मंदिर सा मन ये मेरा कभी दौड़े चले आओगे   आस्था की ज्योत जगाकर दीपक जला लेना भाव भरे शब्द सुमन पूजन थाल सजा लेना   विश्वास जब भी उमड़े प्रेम की घट धारा आए आस्था उर में जागे जब दिल कोई…