भीगी प्रेम दीवानी राधा | Poem Prem Deewani Radha
भीगी प्रेम दीवानी राधा ( Bhigi prem deewani Radha ) तन भीगा है मन भीगा है, रंगों से उपवन भीगा है। भीगी प्रेम दीवानी राधा, चोली दामन सब भीगा है। मन का कोना कोना भीगा, रोम-रोम हर तन भीगा है। फागुन रंग बसंती छाया, प्रेम रंग से जन-जन भीगा है। भीगा शहर गांव भीगा…

